नंदीग्राम आंदोलन से चमके शुभेंदु अब बंगाल की सत्ता तक पहुंचे, कैसे हुआ सत्ता में उदय, जानिए यहां

Suvendu Adhikari Political Journey

पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की सरकार बनने जा रही है और इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। शुक्रवार को कोलकाता में हुई BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। अब शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बंगाल की राजनीति में यह ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है क्योंकि पहली बार राज्य में BJP का कोई नेता मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। इस चुनाव में BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है।

राजनीतिक परिवार से आता है रिश्ता

शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के करकुली गांव में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी लोकसभा और विधानसभा दोनों के सदस्य रह चुके हैं। उनके भाई सौमेंदु अधिकारी और दिव्येंदु अधिकारी भी राजनीति में सक्रिय हैं। शुभेंदु ने रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1995 में कांग्रेस से की थी और कांथी नगर पालिका में पार्षद चुने गए थे। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और तेजी से बड़े नेता बनकर उभरे।

नंदीग्राम आंदोलन से मिली पहचान

साल 2007 का नंदीग्राम आंदोलन शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए इस आंदोलन में उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई। इसी आंदोलन ने उन्हें पूरे बंगाल में बड़ा चेहरा बना दिया। बाद में ममता बनर्जी ने उन्हें जंगलमहल इलाके की जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्होंने पार्टी का संगठन मजबूत किया। 2009 में वह तमलुक सीट से सांसद बने और 2016 में नंदीग्राम से विधायक चुने गए। उसी दौरान उन्हें ममता सरकार में परिवहन मंत्री भी बनाया गया था।

TMC छोड़ BJP में हुए शामिल

साल 2020 में शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने मंत्री पद और कई जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया। 19 दिसंबर 2020 को वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में BJP में शामिल हो गए। BJP में आने के बाद वह बंगाल में पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए और लगातार ममता सरकार पर हमलावर रहे। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।

दो सीटों से जीतकर पहुंचे सत्ता तक

2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा। दोनों ही सीटों पर उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। अब विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। बंगाल की राजनीति में यह बदलाव BJP के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

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