आज की युवा पीढ़ी में IPL को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। हर कोई अपनी पसंदीदा टीम को स्टेडियम में बैठकर खेलते हुए देखना चाहता है। इसी उत्साह का फायदा अब साइबर ठग उठा रहे हैं। इन दिनों IPL टिकट स्कैम के कई मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली में भी ऐसा मामला सामने आया, जहां दिल्ली और कोलकाता के मैच से पहले अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर फर्जी टिकट और कॉम्प्लिमेंट्री पास बेचने वाले लोग पकड़े गए। पुलिस और साइबर एजेंसियों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।
कैसे करते हैं ठगी
स्कैमर्स सबसे पहले लोगों को सोशल मीडिया पोस्ट, विज्ञापन या मोबाइल मैसेज के जरिए लुभाते हैं। इनमें लिखा होता है कि 50 प्रतिशत छूट पर IPL टिकट मिल रही हैं या लिमिटेड सीट्स बची हैं। क्रिकेट प्रेमी जल्दी टिकट पाने के चक्कर में दिए गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद उन्हें बिल्कुल असली दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है। वहां टिकट बुकिंग जैसा पूरा प्रोसेस दिखाया जाता है और ऑनलाइन पेमेंट करवा लिया जाता है। कई बार लोगों को भरोसा दिलाने के लिए नकली कन्फर्मेशन मैसेज भी भेज दिया जाता है। लेकिन मैच वाले दिन पता चलता है कि टिकट पूरी तरह फर्जी है।
सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार
साइबर ठग अब सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेजिंग ऐप पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। कई बार स्कैमर्स खुद को टिकट एजेंट या टीम प्रमोटर बताकर संपर्क करते हैं। उनके बनाए पोस्ट और वेबसाइट इतने असली लगते हैं कि लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे हैं। क्रिकेट मैच का उत्साह कई बार लोगों से जल्दबाजी में फैसला करवा देता है और स्कैमर्स इसी मौके का फायदा उठाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
Indian Cyber Crime Coordination Centre ने लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। हमेशा टिकट सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही खरीदें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। अगर सोशल मीडिया डीएम में कोई ऑफर आता है तो उस पर भरोसा न करें। भारी छूट, फ्री पास या लिमिटेड सीट जैसे दावे अक्सर लोगों को फंसाने के लिए किए जाते हैं। पेमेंट करने से पहले वेबसाइट का यूआरएल जरूर जांचें। अगर वेबसाइट संदिग्ध लगे तो तुरंत वहां से बाहर निकल जाएं और किसी तरह का भुगतान न करें।
स्टेडियम पहुंचकर खुलती है पोल
अधिकांश मामलों में लोगों को स्कैम का पता मैच वाले दिन ही चलता है। जब वे स्टेडियम पहुंचते हैं तो एंट्री गेट पर टिकट अमान्य बताया जाता है। कई लोगों के पैसे वापस नहीं मिलते और उन्हें मैच भी नहीं देखने दिया जाता। दिल्ली में हाल ही में सामने आए मामले में भी फर्जी टिकट बेचने वाले लोगों को पुलिस ने पकड़ा। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही हैं। इसके बावजूद ऑनलाइन ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और स्कैमर्स नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें
अगर किसी व्यक्ति के साथ IPL टिकट स्कैम हो जाता है तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें और पूरी जानकारी दें। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा हो सकती है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले हमेशा सतर्क रहें और किसी भी ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
IPL टिकट के नाम पर बड़ा स्कैम, फर्जी ऑफर देखकर कहीं आप भी न गंवा बैठें अपनी मेहनत की कमाई