बंगाल में हार के बाद ममता का बड़ा दांव, अखिलेश समेत विपक्षी दिग्गजों से किया संपर्क, INDIA गठबंधन को मजबूत करने की तैयारी, पढ़ें

Mamata Banerjee INDIA Alliance Strategy

ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के बाद बड़ा सियासी दांव खेलते हुए विपक्षी एकता को मजबूत करने का ऐलान किया है। कोलकाता में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव उनसे मिलने आने वाले हैं। ममता ने कहा कि अखिलेश ने तुरंत आने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा। उन्होंने साफ किया कि एक-एक कर सभी विपक्षी नेता उनसे मिलेंगे और उनका लक्ष्य INDIA गठबंधन को और मजबूत करना है।

कई बड़े नेताओं से हुई बातचीत
ममता बनर्जी ने खुलासा किया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन सहित कई नेताओं ने उनसे फोन पर बात की और समर्थन जताया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी एकजुटता पहले से ज्यादा मजबूत होगी और आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर दिखेगा।

चुनाव नतीजों पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी बल्कि “हराई गई” है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि पूरे चुनाव में निष्पक्षता नहीं बरती गई। उनके अनुसार, SIR प्रक्रिया के नाम पर करीब 90 लाख वोट काटे गए, जिससे परिणाम प्रभावित हुए। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए ‘काला दिन’ करार दिया।

इस्तीफा देने से साफ इनकार
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल पर ममता ने स्पष्ट कहा कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि वह नैतिक रूप से हारी नहीं हैं और उनके खिलाफ साजिश की गई है। ममता ने खुद को अब “एक आम नागरिक” बताते हुए कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वह सिस्टम के भीतर रहकर संघर्ष करेंगी।

केंद्रीय बलों पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों, खासकर CRPF के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई और कई जगह मतदाताओं व कार्यकर्ताओं को डराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि काउंटिंग सेंटरों में गड़बड़ी की गई, CCTV कैमरे बंद कर दिए गए और उनके एजेंट्स के साथ मारपीट की गई।

खुद पर हमले का भी दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने दावा किया कि उन्हें काउंटिंग सेंटर में घुसने से रोका गया और धक्का देकर बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ मारपीट की गई, जिससे यह सवाल उठता है कि बाकी उम्मीदवारों के साथ क्या हुआ होगा। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र की “निर्मम हत्या” बताया।

अखिलेश का समर्थन और तीखी प्रतिक्रिया
इस बीच अखिलेश यादव ने भी चुनाव परिणामों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे “फरेबी जीत” बताया और कहा कि जनमत की खुली लूट हुई है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

आगे की रणनीति पर सस्पेंस
ममता बनर्जी ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी जल्द ही अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगी। उन्होंने कहा कि टीएमसी लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखेगी और बीजेपी के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी। साफ है कि बंगाल चुनाव के बाद अब सियासी जंग नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां विपक्षी एकता और आरोप-प्रत्यारोप दोनों ही तेजी से बढ़ने वाले हैं।

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