समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे। 38 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने पूरे यादव परिवार और समर्थकों को झकझोर दिया है। लखनऊ के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। बताया गया कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और हाल ही में मेदांता अस्पताल में भी भर्ती रहे थे। मुलायम सिंह यादव के बेटे होने के बावजूद प्रतीक ने कभी सक्रिय राजनीति का रास्ता नहीं चुना। जहां अखिलेश यादव ने सियासत में अपनी अलग पहचान बनाई, वहीं प्रतीक ने बिजनेस, फिटनेस और निजी जीवन में अपनी दुनिया बसाई। यही वजह रही कि वह हमेशा बाकी राजनीतिक चेहरों से अलग नजर आए।
अखिलेश से बिल्कुल अलग रास्ता
अखिलेश यादव और प्रतीक यादव दोनों एक ही परिवार से थे लेकिन उनकी जिंदगी की दिशा बिल्कुल अलग रही। अखिलेश ने समाजवादी पार्टी की कमान संभाली और मुख्यमंत्री बने, जबकि प्रतीक ने राजनीति से दूरी बनाए रखी। परिवार का इतना बड़ा राजनीतिक प्रभाव होने के बावजूद उन्होंने कभी चुनावी राजनीति में कदम रखने की कोशिश नहीं की। वह मानते थे कि हर व्यक्ति की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए। यही कारण रहा कि उन्होंने खुद को फिटनेस, रियल एस्टेट और बिजनेस की दुनिया में स्थापित किया। लोगों के बीच उनकी पहचान एक शांत, फिटनेस प्रेमी और लग्जरी लाइफस्टाइल जीने वाले बिजनेसमैन की बन गई थी।
विदेश में पढ़ाई, फिर बिजनेस
प्रतीक यादव का जन्म 7 जुलाई 1987 को लखनऊ में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई के बाद वह ब्रिटेन चले गए और वहां लीड्स यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। भारत लौटने के बाद सभी को उम्मीद थी कि वह भी राजनीति में उतरेंगे, लेकिन उन्होंने बिल्कुल अलग राह चुनी। उन्होंने रियल एस्टेट कारोबार और फिटनेस सेक्टर में काम शुरू किया। लखनऊ में उन्होंने हाई प्रोफाइल जिम की शुरुआत की, जहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थीं। उनके जिम और फिटनेस ब्रांड की चर्चा पूरे उत्तर प्रदेश में होती थी। फिटनेस के प्रति उनका जुनून ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया था।
फिटनेस आइकॉन बन गए थे
एक समय ऐसा था जब प्रतीक यादव का वजन काफी ज्यादा हुआ करता था। लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और अनुशासन से खुद को पूरी तरह बदल दिया। कड़ी ट्रेनिंग, डाइट प्लान और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने शानदार फिटनेस हासिल की। सोशल मीडिया पर उनके वर्कआउट वीडियो और तस्वीरें अक्सर वायरल होती थीं। युवाओं के बीच वह फिटनेस आइकॉन की तरह देखे जाते थे। वह नियमित रूप से वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करते थे। साल 2012 में उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय फिटनेस मैगजीन ने ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड भी दिया था। यही वजह रही कि फिटनेस इंडस्ट्री में उनकी अलग पहचान बनी।
लग्जरी लाइफस्टाइल से चर्चा
प्रतीक यादव अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी गाड़ियों के लिए भी काफी चर्चित रहे। उनके पास कई सुपरकार और हाई एंड बाइक थीं। खासकर उनकी नीली लैम्बोर्गिनी लंबे समय तक सुर्खियों में रही थी। उनके शरीर पर बने टैटू भी चर्चा का विषय बनते थे। लोग उन्हें आधुनिक और स्टाइलिश व्यक्तित्व के रूप में देखते थे। राजनीति से दूर रहने के बावजूद उनकी लोकप्रियता कम नहीं थी। रियल एस्टेट कारोबार के जरिए उन्होंने अपनी अलग आर्थिक पहचान बनाई। बताया जाता है कि वह लखनऊ के कई बड़े प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े हुए थे और फिटनेस ब्रांडिंग के जरिए भी अच्छी कमाई करते थे।
अपर्णा से रिश्ते में उतार-चढ़ाव
प्रतीक यादव की शादी भाजपा नेता अपर्णा यादव से हुई थी। दोनों की लव मैरिज लंबे समय तक चर्चा में रही। जहां प्रतीक राजनीति से दूर रहे, वहीं अपर्णा यादव सक्रिय राजनीति में उतर गईं और बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं। कुछ समय पहले दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें भी सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की एक पोस्ट ने काफी हलचल मचाई थी, जिसमें उन्होंने अपर्णा पर कई आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में दोनों के रिश्तों में सुधार की खबरें भी आईं। अब प्रतीक यादव के अचानक निधन ने परिवार और समर्थकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।