समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद अब उनके जीवन से जुड़ी कई बातें फिर चर्चा में आ गई हैं। 38 साल की उम्र में उनके अचानक निधन ने सभी को झकझोर दिया है। राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले प्रतीक यादव अपनी फिटनेस और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे। लेकिन इन सबके बीच उनका एक खास टैटू अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है। उनके हाथ पर बना सांप वाला बड़ा टैटू लोगों का ध्यान खींच रहा है। पुराने फोटो और वीडियो फिर वायरल हो रहे हैं, जिनमें यह टैटू साफ दिखाई देता है। बताया जा रहा है कि यह सिर्फ डिजाइन नहीं था बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और पौराणिक अर्थ भी जुड़ा हुआ था।
फिटनेस के साथ अलग पहचान
प्रतीक यादव हमेशा अपनी अलग पर्सनैलिटी के कारण चर्चा में रहते थे। वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी। वह अक्सर अपनी फिटनेस, वर्कआउट और लाइफस्टाइल से जुड़े पोस्ट शेयर करते थे। कभी जिम ट्रेनिंग करते हुए तो कभी सुपरकार चलाते हुए उनकी तस्वीरें वायरल होती रहती थीं। उनके शरीर पर बने टैटू भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। खासकर हाथ पर बना सांप वाला टैटू उनकी पहचान बन गया था। फिटनेस के साथ उन्होंने टैटू को भी अपनी पर्सनैलिटी का हिस्सा बना लिया था। यही वजह रही कि उनके निधन के बाद लोग उनके टैटू के अर्थ को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।
नॉर्डिक पौराणिक कथा से जुड़ा
बताया जाता है कि प्रतीक यादव का यह चर्चित टैटू नॉर्डिक पौराणिक कथाओं से प्रेरित था। इसमें जॉर्मुनगैंडर नाम के विशाल सांप का डिजाइन बना हुआ था। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह सांप पूरी पृथ्वी को घेरे रहता है और अपनी ही पूंछ को मुंह में दबाए रहता है। इस प्रतीक को ओरोबोरोस भी कहा जाता है। इसका अर्थ जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म के अनंत चक्र से जुड़ा माना जाता है। माना जाता है कि संसार में कुछ भी पूरी तरह समाप्त नहीं होता बल्कि हर अंत के बाद नई शुरुआत होती है। यही कारण है कि यह टैटू आध्यात्मिक और रहस्यमयी प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
टैटू में छिपा था संदेश
प्रतीक यादव के टैटू में सिर्फ सांप का डिजाइन ही नहीं था बल्कि उसके बीच में बना विशेष चिन्ह भी लोगों का ध्यान खींचता था। इसे वेगाविजिर कहा जाता है, जिसे नॉर्डिक कंपास भी माना जाता है। आइसलैंडिक लोककथाओं में इसे सुरक्षा और सही दिशा का प्रतीक बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इसे धारण करता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता नहीं भटकता। यह प्रतीक नकारात्मक ऊर्जा से बचाने और जीवन में सही दिशा देने का संकेत माना जाता है। सोशल मीडिया पर लोग अब इस टैटू की तस्वीरों को शेयर कर इसके गहरे अर्थ पर चर्चा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें
प्रतीक यादव इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहते थे। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर फिटनेस वीडियो, टैटू डिजाइन और लग्जरी कारों की तस्वीरें भरी हुई थीं। उनके हाथ पर बने टैटू को लेकर कई बार पहले भी चर्चा हो चुकी थी लेकिन निधन के बाद यह फिर वायरल हो गया। कई लोग इसे उनकी सोच और व्यक्तित्व से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि प्रतीक आधुनिक लाइफस्टाइल के साथ आध्यात्मिक प्रतीकों में भी रुचि रखते थे। यही वजह थी कि उन्होंने ऐसा टैटू चुना जो सिर्फ फैशन नहीं बल्कि एक खास संदेश भी देता था।
निधन से परिवार सदमे में
प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरा यादव परिवार गहरे सदमे में है। वह मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे। हाल के दिनों में उनकी तबीयत खराब चल रही थी और वह इलाज भी करवा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों में खून के थक्के जमने की बात सामने आई है। उनके निधन के बाद अब लोग उनके जीवन, फिटनेस और निजी पसंद को याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके टैटू की तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं और लोग उसे उनकी अलग पहचान के रूप में देख रहे हैं।