नगीना सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषणों से साफ संकेत मिलता है कि सरकार महंगाई के मुद्दे पर खुद को असहाय महसूस कर रही है। चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि यह केवल एक सामान्य अपील नहीं बल्कि सरकार की नाकामी की स्वीकारोक्ति जैसी दिखाई दे रही है। उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
क्या बोले चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री के पिछले दो दिनों के भाषणों ने आम जनता छोटे व्यापारियों और मेहनतकश वर्ग को चिंता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार लोगों से खर्च कम करने और खपत घटाने की अपील कर रही है। उनके मुताबिक इससे साफ है कि आर्थिक दबाव अब सीधे आम लोगों तक पहुंच चुका है और सरकार के पास स्थिति संभालने के सीमित विकल्प दिखाई दे रहे हैं।
पीएम मोदी की अपील
दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग पेट्रोल डीजल का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें और जहां संभव हो वहां कार पूलिंग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं। इसके अलावा उन्होंने एक साल तक गैर जरूरी सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि डिजिटल तकनीक के जरिए वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
विदेशी मुद्रा पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि भारत विदेशों से बड़ी मात्रा में सामान आयात करता है जिस पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने वैश्विक संकट और युद्ध की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई हैं और आयात महंगा हो गया है। इसी कारण देशवासियों को संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए और स्थानीय उत्पादों को अपनाने पर जोर देना चाहिए ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो सके।
राजनीति हुई तेज
प्रधानमंत्री के बयान के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महंगाई नियंत्रित करने में विफल रही है और अब लोगों से ही त्याग करने की अपील की जा रही है। दूसरी तरफ भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशहित में लोगों से सहयोग मांगा है। उनका कहना है कि संकट के समय जिम्मेदारी निभाना हर नागरिक का कर्तव्य होता है और सरकार इसी भावना से अपील कर रही है।
जनता की नजर आगे
अब देशभर में लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि बढ़ती महंगाई और वैश्विक संकट के बीच सरकार आगे क्या कदम उठाती है। पेट्रोल डीजल और सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील और विपक्ष की प्रतिक्रिया दोनों ने इस मुद्दे को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना दिखाई दे रही है।