शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, पहली कैबिनेट में बॉर्डर फेंसिंग से लेकर 321 कार्यकर्ताओं पर लिए ये फैसले

Suvendu Government Big Decisions

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार ने सत्ता संभालते ही बड़े फैसलों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने पांच मंत्रियों के साथ पहली कैबिनेट बैठक की, जिसमें सीमा सुरक्षा, सरकारी नौकरियों और केंद्रीय योजनाओं को लेकर अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। बीजेपी सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब राज्य में कई पुराने फैसलों और नीतियों को बदला जाएगा।

बीएसएफ को मिलेगी जमीन

पहली कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग को लेकर लिया गया। राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगले 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।

321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को सम्मान

कैबिनेट बैठक में राजनीतिक हिंसा में मारे गए बीजेपी के 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि भी दी गई। सरकार ने फैसला किया है कि इन सभी परिवारों के कल्याण की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। इस फैसले को बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान और भरोसे का संदेश बताया है। बंगाल की राजनीति में इसे बड़ा सियासी संकेत भी माना जा रहा है।

केंद्रीय योजनाओं को हरी झंडी

नई सरकार ने राज्य में लंबित केंद्रीय योजनाओं को तुरंत लागू करने का फैसला लिया है। इसमें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं शामिल हैं। सरकार ने उज्ज्वला योजना की लंबित स्वीकृतियों को भी जल्द पूरा करने की बात कही है। बीजेपी का दावा है कि पिछली सरकार ने इन योजनाओं को लागू नहीं किया था, जिससे लोगों को नुकसान हुआ।

नौकरी और कानून पर फैसले

कैबिनेट बैठक में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा को पांच साल बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि 2015 के बाद से राज्य में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित रही थी, इसलिए युवाओं को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस लागू करने को भी मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इसे लागू करने में देरी की थी।

प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत

नई सरकार ने प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया है। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट बैठक में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी सराहना की गई। शुभेंदु सरकार के इन शुरुआती फैसलों को बंगाल में बड़े राजनीतिक बदलाव और नई प्रशासनिक दिशा के तौर पर देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *