जमीन विवाद के बाद सहारनपुर में बढ़ा तनाव, पुलिस और इलाज व्यवस्था पर उठे सवाल, भड़के चंद्रशेखर, जानिए क्या कहा ?

Saharanpur Land Dispute Violence

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में जमीन विवाद के बाद हुई हिंसा अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। चंद्रशेखर आजाद रविवार को जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। सांसद ने कहा कि गांव में हुए पथराव और मारपीट में 20 से 30 लोग घायल हुए हैं लेकिन पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। अस्पताल में भर्ती महिलाओं और पुरुषों से बातचीत के दौरान माहौल काफी भावुक दिखाई दिया।

सुबह से पुलिस छावनी बना घर

घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। रविवार सुबह छुटमलपुर स्थित सांसद चंद्रशेखर आजाद के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने सांसद और उनके समर्थकों को घर से बाहर निकलने से रोकने की कोशिश की। दरअसल सांसद ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह 10 मई को गांव लालवाला जाकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। इसी वजह से प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी लेकिन काफी देर बातचीत के बाद पुलिस को झुकना पड़ा और कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद को जिला अस्पताल जाने की अनुमति दी गई।

इलाज में लापरवाही के आरोप

जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सांसद ने घायलों की हालत देख नाराजगी जताई। परिजनों ने आरोप लगाया कि कई घायल लोगों को इलाज देने के बजाय अगले दिन आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। कुछ लोगों के सिर और आंख के पास गंभीर चोट होने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट में सही जानकारी दर्ज नहीं की गई। इस पर सांसद ने डॉक्टरों को बुलाकर सवाल किए और कहा कि सत्ता के दबाव में पीड़ितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने घायलों की फाइल और सीटी स्कैन रिपोर्ट भी जांची।

महिला के आंसुओं से भावुक माहौल

घायलों से बातचीत के दौरान एक महिला अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़ी। इस दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उसके आंसू पोंछते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय जरूर मिलेगा। अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना था कि सांसद के आने की सूचना मिलने के बाद ही कई घायलों का सीटी स्कैन कराया गया। आरोप है कि घायल पिछले 24 घंटे से अस्पताल में थे लेकिन इलाज में तेजी नहीं दिखाई गई। इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जमीन विवाद से शुरू हुआ मामला

घायल सुरेंद्र कुमार ने बताया कि छह बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि दूसरे पक्ष ने जमीन पर कब्जा कर रखा है और जब दस्तावेज मांगे गए तो विवाद बढ़ गया। उन्होंने कहा कि मौके पर पुलिस ने दूसरे पक्ष का समर्थन किया और महिलाओं पर भी लाठीचार्ज हुआ। फायरिंग और मारपीट में कई लोग घायल हुए लेकिन डर की वजह से कई लोग सामने नहीं आ रहे हैं। गांव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

आंदोलन की चेतावनी

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि विवादित जमीन की जांच के लिए कमेटी बनाई जाए और असली मालिक को उसका हक दिया जाए।

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