कोहली का ‘विराट’ विस्फोट, 8 साल पुराना रिकॉर्ड चकनाचूर!, फाइनल में मचाया ऐसा तूफान, गुजरात के उड़ गए होश !

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आईपीएल 2026 के फाइनल में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों के सबसे बड़े खिलाड़ी क्यों कहलाते हैं। अहमदाबाद में गुजरात के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में विराट ने सिर्फ 25 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़ दिया। यह आईपीएल करियर का उनका सबसे तेज अर्धशतक भी बन गया। फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में विराट की इस पारी ने बेंगलुरु को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

8 साल बाद टूटा अपना ही रिकॉर्ड
विराट ने इस पारी के साथ अपना 8 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले उन्होंने 2018 में दिल्ली के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। अब फाइनल में 25 गेंदों में पचासा ठोककर उन्होंने नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड बना दिया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि उन्होंने सीजन के सबसे बड़े मैच में हासिल की।

शुरुआत से ही दिखा आक्रामक अंदाज
156 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट शुरुआत से ही आक्रामक नजर आए। वेंकटेश अय्यर के साथ मिलकर उन्होंने गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 21 गेंदों में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया। एक समय विराट ने केवल 13 गेंदों में 34 रन बना डाले थे और गुजरात के गेंदबाज पूरी तरह दबाव में दिखाई दिए।

विकेट गिरते रहे, विराट डटे रहे
हालांकि दूसरे छोर पर बेंगलुरु को लगातार झटके लगते रहे और टीम ने कुछ अहम विकेट गंवा दिए। इसके बावजूद विराट ने अपनी लय नहीं खोई। उन्होंने समझदारी और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। 12वें ओवर की दूसरी गेंद पर शानदार चौका लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और अहमदाबाद का मैदान तालियों से गूंज उठा।

फाइनल के इतिहास में भी दर्ज हुआ नाम
विराट की यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। 25 गेंदों में लगाया गया यह अर्धशतक आईपीएल फाइनल के इतिहास का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक बन गया। फाइनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड 24 गेंदों का है। वहीं अब विराट का नाम भी उन दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने फाइनल में सबसे तेज पचासा जड़ा है।

बड़े मंच पर फिर चमका विराट का बल्ला
पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करने वाले विराट ने फाइनल में भी अपने अनुभव और क्लास का प्रदर्शन किया। जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उन्होंने जिम्मेदारी उठाई और एक बार फिर दिखा दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला अलग ही अंदाज में बोलता है। उनकी इस पारी ने बेंगलुरु के खिताबी सपने को और मजबूत कर दिया।

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