कैराना से सपा सांसद इकरा हसन मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला के बेटे की हत्या के मामले में न्याय की मांग लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। वहां कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने उनके कुछ समर्थकों को हिरासत में लेकर शांति भंग की धाराओं में जेल भेज दिया। इससे नाराज सांसद सीधे सदर बाजार थाने पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं।
रास्ते में रोकने के लगाए आरोप
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की गई। उन्होंने कहा कि सरसावा इलाके में एक ट्रक खड़ा कर रास्ता बाधित करने की कोशिश की गई। हालांकि वह थाने तक पहुंच गईं, जहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई।
धरने के दौरान बढ़ा तनाव
धरने के दौरान माहौल और गर्म हो गया। प्रदर्शन के बीच कुछ समय के लिए थाने की बिजली भी चली गई, जिसके बाद समर्थकों ने प्रशासन पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। इस दौरान सांसद ने न्याय की मांग दोहराते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की आवाज सुनी जानी चाहिए।
सरकार और व्यवस्था पर सवाल
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने अपना बेटा खोया, उसी के लोगों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन समान व्यवहार नहीं करता।
बातचीत के बाद खत्म हुआ धरना
करीब तीन घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सांसद से बातचीत की। प्रशासन की ओर से गिरफ्तार समर्थकों की जमानत और रिहाई का भरोसा दिया गया। इसके बाद इकरा हसन ने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की और धरना समाप्त करने का ऐलान किया।
पुलिस ने क्या कहा
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने कहा कि प्रदर्शन को लेकर पहले कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब बातचीत के बाद स्थिति सामान्य है। प्रशासन का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है।







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