जम्मू कश्मीर के पुलवामा से निकला एक युवक अब अचानक फिर सुर्खियों में है। अरजुमंद गुलजार डार जिसे हमजा बुरहान और डॉक्टर नाम से भी जाना जाता था उसकी पाकिस्तान में हत्या की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात हमलावर ने उसे निशाना बनाया। वह पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में रह रहा था और बाहर से खुद को शिक्षक बताता था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।
कौन था हमजा बुरहान
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अरजुमंद गुलजार डार पुलवामा के खरबतपोरा रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। उसका नाम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सूची में लंबे समय से शामिल था। भारत सरकार ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह पाकिस्तान में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और कई मामलों में उसका नाम सामने आया था।
पाकिस्तान पहुंचकर बदली राह
जानकारी के मुताबिक वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था। वहां पहुंचने के बाद उसने अल बद्र संगठन से जुड़ाव बना लिया। धीरे धीरे उसकी भूमिका बढ़ती गई और उसे संगठन का सक्रिय चेहरा माना जाने लगा। सुरक्षा एजेंसियों का आरोप था कि वह सीमापार बैठकर नेटवर्क चलाने और गतिविधियों के समन्वय का काम करता था।
कई मामलों से जुड़ा नाम
जांच एजेंसियों के अनुसार उसका नाम कई मामलों में सामने आया था। उस पर युवाओं को प्रभावित करने और कट्टर सोच फैलाने जैसे आरोप लगे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वह कुछ मामलों में आर्थिक और अन्य सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ा रहा। पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए कुछ हमलों की जांच के दौरान भी उसका नाम चर्चा में आया था।
शिक्षक की पहचान पर सवाल
पाकिस्तान में उसने खुद को शिक्षक की पहचान देने की कोशिश की थी ताकि उसकी गतिविधियों पर संदेह कम हो। लेकिन भारतीय एजेंसियों का दावा था कि पर्दे के पीछे वह लगातार सक्रिय था। सुरक्षा हलकों में उसे लंबे समय से एक महत्वपूर्ण नेटवर्क संचालक के रूप में देखा जाता रहा और इसी कारण उसका नाम बार बार चर्चा में आता रहा।
अब उठ रहे नए सवाल
उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि हमला किसने किया और इसके पीछे क्या वजह रही। फिलहाल आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी सामने आई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारियां सामने आ सकती हैं और सुरक्षा एजेंसियां भी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।







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